आम तौर से हमारे हनफी बिरादरान हम अहले हदीसों के अमल को देख कर हमें नया तरीका निकालने वाले गुमराह, बद अकी़दा बगैरह-बगैरह के खि़ताब से नवाज़ते हैं׀ हमने मुनासिब समझा कि अहले हदीसों के अमल की दलील हनफी मस्लक की मौतबर किताबों से पेश करें ताकि हक वाहेह हो जाय और दूध का दूध और पानी का पानी हो जाय׀ उम्मीद है हनफी़ बिरादरान इन दलीलों को पढ़कर ज़रूर गौर फ़रमायेंगे׀
इमाम अबू हनीफा़ (रहमतुल्लाह अलैहि) ने फ़रमाया-
1.
लोग हमेशा बेहतरी में रहेंगे जब तक कि उनमें कोई हदीस तलब करने वाला रहेगा׀ (मुक़दमा आलम गीरी जिल्द1)
2.
छोड़ दो मेरे कौल हदीस के सामने (शरह विका़या)
3.
जब सही हदीस मिल जाय वहीं मेरा मजहब है(मुकदमा आलमगीरी जिल्द1)
4.
दीन में राय से बचो, सुन्नत के ताबे रहो और जो इससे बाहर है गुमराही है׀(मुकदमा आलम गीरी जिल्द1)
5.
किताब व सुन्नत में सब कुछ मौजूद है (मुकदमा आलम गीरी जिल्द1)
6.
हदीस का रद्द करने वाला गुमराह है׀ (मुकदमा हिदाया जिल्द1)
7.
हदीस इमाम के कौ़ल पर मुकद्दम है (हिदाया जिल्द1)
8.
जो हदीस जईफ़ है उस पर अमल न किया जायेगा(दुर्रे मुख्तार जिल्द1
9.
आफ़त तक़लीद से पडी़ है׀ (दुर्रे मुख्तार जिल्द1)
10.
फ़सअलू अहलज जि़करे इन कुन्तुम ला तअलमून से मुराद कुरआन व हदीस का हुक्म दरियाफ्त करना है׀ लोगों की बातें मान लेने का हुक्म नहीं है׀ (मुकदमा आलमगीर जिल्द 1)
11.
यहूदी व नसारा अपने मौलवी और दरवेशों का कहना मानते थे इसलिए अल्लाह ने उन्हें मुशरिक फ़रमाया मौमिन को हुक्म किया कि लोगों के कौ़ल मत पूछो बल्कि ये पूछो कि अल्लाह का हुक्म क्या है׀( मुकदमा आलमगीर जिल्द 1)
12.
नीयत ज़बान से करना बिदअत है (दुर्रे मुख्तार जिल्द1)
13.
गर्दन का मसह बिदअत है और इसकी हदीस मौजू है (दुर्रे मुख्तार जिल्द 1)
14.
नाफ़ के नीचे हाथ बांधन की हदीस बइत्तेफ़ाक़ अइम्मा मुहददसीन जईफ़ है׀ (हिदाया जिल्द 1)
15.
सीने पर हाथ बांधने की हदीस बइत्तेफा़क अइम्मा मुहददसीन सही है (शरह विकाया)
16.
इमाम के पीछे सूरह फा़तिहा न पढ़ने की हदीस जईफ़ है׀ (हिदाया जिल्द1)
17.
हदीस आमीन बिजहर (बा आवाज़) की साबित है׀ (हिदाया जिल्द 1, शरह विकाया)
18.
रफेयदेन न करने की हदीस जईफ़ है׀ (शरह विकाया)
19.
हक़ यह है कि मुहम्मद (सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम) से रफेयदेन सही साबित है׀ (हिदाया जिल्द 1)
20.
तरावीह 20 रकात की हदीस जईफ़ है׀(दुर्रे मुख्तार जिल्द1, हिदाया जिल्द1)
21.
तरावीह 8 रकात की हदीस सही है׀ (शरह विकाया)
Kitaboon ke nam ke sath safa number bhi hote to or bahtar tha.
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